fbpx
ख़बरेंचंदौलीराज्य/जिला

10 दिन बाद फिर बंद हो जाएगा यूपी बिहार का नौबतपुर कर्मनाशा पुल

चंदौली। दरकने के 11 महीने 28 दिन बाद यूपी- बिहार सीमा पर नौबतपुर में स्थित कर्मनाशा नदी पर बने पुल पर शनिवार को आवागमन शुरू हो गया। लेकिन यह राहत केवल 10 दिनों के लिए ही मिली है। क्षतिग्रस्त स्टील ब्रिज की मरम्मत के बाद रबर कंक्रीट की चादर के लिए इसे फिर से बंद कर दिया जाएगा। हालांकि फरवरी माह में इसे पूर्ण रूप से संचालित करने का दावा किया जा रहा है। तब तक वैकल्पिक मार्ग आवागमन का जरिया होगा।
नौबतपुर में कर्मनाशा नदी पर बना पुल 28 दिसम्बर 2019 को क्षतिग्रस्त होने के बाद से ही मरम्म्त कार्य के लिए बंद चल रहा था। मरम्मत के बाद लोड परीक्षण के पश्चात शनिवार को दोपहर में आवागमन के लिए खोल दिया गया। इससे जाम से आजिज आ चुकी जनता को राहत मिल गई है। 28 नवम्बर को पुल का लोड परीक्षण किया गया था। सब कुछ मानकों के अनुसार पाया गया था।कर्मनाशा नदी पर बना यह पुल फिलहाल केवल 10 दिनों के लिए शुरू किया गया है।इस पर आवागमन 10 दिनों के बाद फिर से बंद कर दिया जाएगा।इस दौरान पुल से बालू की ओवरलोड गाड़ियों के गुजरने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।इसके साथ ही यदि कोई वाहन चालक पुल पर ट्रको की पार्किंग करेगा तो उसके खिलाफ भी करवाई की जाएगी। कर्मनाशा नदी पर बने पुल को शुरू होने के बाद उसके एक ओर बने स्टील ब्रिज को मरम्मत कार्य के लिए बंद कर दिया गया है।कुछ दिन पहले क्षमता से तीन गुना अधिक तक कि बालू की ओवरलोड गाड़ियों के गुजरने से 19 करोड़ की लागत से बने स्टील ब्रिज की कई प्लेट क्षतिग्रस्त हो गयी थी जिसकी वजह से पुल के टूटने का खतरा बढ़ गया था। इस बाबत एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर नागेश सिंह ने बताया कि कर्मनाशा पुल को अभी केवल 10 दिनों के लिए शुरू किया है। इस दौरान क्षतिग्रस्त स्टील ब्रिज का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आवागमन शुरू हो जाने के लगभग आठ से दस दिनों में कंक्रीट अपने सही स्थिति में आ जाएगा। जिसके बाद रोड पर रबर और कंक्रीट के मिश्रण का चादर बिछाया जाएगा फिर पुल का रंग रोगन किया जाएगा। यदि सब ठीक रहा तो फरवरी तक पुल को पूरी तरीके से आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

On The Spot

खबरों के लिए केवल पूर्वांचल टाइम्स, अफवाहों के लिए कोई भी। हम पुष्ट खबरों को आप तक पहुंचाने के लिए संकल्पिक हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button