
चंदौली। उतरौत फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में पिछले 48 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप है। हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन बिजली विभाग अब तक आपूर्ति बहाल नहीं कर सका है। भीषण गर्मी और उमस के बीच हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद से उपकेंद्र के अधिकारी और कर्मचारी समस्या के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है।
बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कामकाज और छोटे व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं। रात में अंधेरा रहने के कारण लोगों को सुरक्षा संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। गर्मी और उमस के चलते बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। यह कोई पहला वाकया नहीं है, बल्कि उतरौत फीडर पर बिजली आपूर्ति हमेशा अनियमित रहती है। बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और तकनीकी खराबी के चलते अक्सर घंटों आपूर्ति ठप रहती है। लगातार उपेक्षा झेल रहे लोगों का धैर्य अब जवाब देना लगा है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ दल को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
धरातल पर नहीं उतरी घोषणा
चकिया उपकेंद्र से संचालित उतरौत फीडर के अलग से निर्माण की घोषणा अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। काफी लंबा क्षेत्र होने के चलते अक्सर तकनीकी खराबी होती है। इसका खामियाजा दर्जनों गांवों के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। लोगों ने जल्द से जल्द अलग फीडर निर्माण की मांग की।

