
वाराणसी। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर बुधवार को रामकटोरा स्थित श्री अन्नपूर्णा बैंक्वेट में न्यू बनारस कैमरा सोसाइटी (NBCS) की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वाराणसी सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि NBCS के संरक्षक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संस्थापक स्व. रवि पाण्डेय के चित्र पर डॉ. विनय प्रकाश तिवारी द्वारा पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि फोटोग्राफी केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की स्मृतियों और इतिहास को सहेजने वाली कला है। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफर केवल तस्वीर नहीं खींचता, बल्कि समय को एक फ्रेम में रोक देता है। आज सामान्य दिखने वाली तस्वीर आने वाले वर्षों में जीवन की सबसे कीमती याद बन सकती है।
उन्होंने युवा फोटोग्राफरों को प्रेरित करते हुए विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर स्टीव मैककरी की चर्चित ‘अफगान गर्ल’ तस्वीर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि किसी असाइनमेंट को छोटा नहीं समझना चाहिए। किसी सामान्य से दिखने वाले पल में भी इतिहास छिपा हो सकता है। उन्होंने कहा, “हो सकता है आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन फोटोग्राफ अभी खिंचा ही न हो, वह आपका अगला क्लिक हो सकता है।”
डॉ. तिवारी ने महान फोटोग्राफर Henri Cartier-Bresson के ‘Decisive Moment’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सही समय पर सही क्षण को पहचानना ही फोटोग्राफर की सबसे बड़ी ताकत है। यही सिद्धांत जीवन में भी सफलता का मार्ग दिखाता है।
AI को चुनौती नहीं, ताकत बनाएं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर डॉ. तिवारी ने कहा कि फोटोग्राफरों को AI से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीक हमेशा बदलती रही है। फिल्म कैमरे से डिजिटल कैमरा और फिर स्मार्टफोन तक बदलाव हुए, लेकिन फोटोग्राफी खत्म नहीं हुई बल्कि उसका स्वरूप बदलता गया।
उन्होंने कहा, “AI फोटोग्राफर को खत्म नहीं करेगा, लेकिन AI का इस्तेमाल करना जानने वाला फोटोग्राफर, AI नहीं जानने वाले फोटोग्राफर से जरूर आगे निकल सकता है। इसलिए तकनीक से लड़ना नहीं है, उसे अपनी ताकत बनाना है।”
उन्होंने युवाओं से AI, नई एडिटिंग तकनीक, ड्रोन, सिनेमैटिक वीडियोग्राफी और डिजिटल मार्केटिंग सीखने की अपील की। साथ ही कहा कि महंगा कैमरा किसी को बड़ा फोटोग्राफर नहीं बनाता, बल्कि बड़ी और रचनात्मक नजर फोटोग्राफर को पहचान दिलाती है।
NBCS के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा
डॉ. तिवारी ने कहा कि NBCS के संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं है। फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों के हित, सम्मान, तकनीकी विकास और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर वह संगठन के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने NBCS को भविष्य में प्रशिक्षण, AI, नई तकनीक, व्यवसाय और डिजिटल मार्केटिंग के लिए मजबूत मंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फोटोग्राफरों के लिए बीमा, आपातकालीन सहायता और उनके परिवारों के हित में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता भी बताई।
उन्होंने फोटोग्राफरों से अपने परिवार के साथ भी तस्वीरें खिंचवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की शादियों, बच्चों और खुशियों की तस्वीरें संजोते हैं, उन्हें अपने परिवार की यादों में भी खुद को शामिल करना चाहिए।
फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ छायाकार बिनय रावल ने की। इसके बाद डॉ. विनय प्रकाश तिवारी और के.के. वाजपेयी ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में वाइल्डलाइफ, लैंडस्केप, पोर्ट्रेट, स्ट्रीट और वेडिंग फोटोग्राफी की तस्वीरें दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
NBCS अध्यक्ष रंजन गौड़ ने अतिथियों और सदस्यों का स्वागत किया। सचिव एवं वरिष्ठ छायाकार अजय पाण्डेय ने संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की गतिविधियों और विश्व फोटोग्राफी दिवस के इतिहास की जानकारी दी।
इस अवसर पर वरिष्ठ छायाकार रत्नाकर अवस्थी को फोटोग्राफी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वैवाहिक छायाचित्र प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रतिभागियों को क्रमशः ₹1500, ₹1000 और ₹500 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर बिनय रावल, अरविंद सिंह, अजय पाण्डेय, सूर्यकांत, आदेश श्रीवास्तव, रंजन गौड़, प्रिंस सिंह, राजेश सिंह, अमित राज, अभय श्रीवास्तव, प्रिंस बरनवाल और सतीश सहित काशी एवं पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर मौजूद रहे।

