ख़बरेंचंदौलीराज्य/जिला

सीएमओ का आदेश भी बेअसर! शहाबगंज में स्वास्थ्यकर्मी का जर्जर आवास बना खतरा, कार्रवाई का इंतजार

संवाददाता : बाबू चौहान

चंदौली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहाबगंज में कार्यरत वार्ड बॉय हरिद्वार प्रसाद और उनका परिवार आज भी एक जर्जर सरकारी आवास में रहने को मजबूर है। स्थिति इतनी गंभीर है कि परिवार हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका के बीच जीवन बिता रहा है। चिंताजनक बात यह है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी  चंदौली के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक न तो आवास का निरीक्षण किया गया और न ही मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है।

13 मई 2026 को आए चक्रवाती तूफान के दौरान आवास के समीप खड़ा एक विशाल आम का पेड़ मकान पर गिर गया था। इस घटना में भवन की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद वार्ड बॉय हरिद्वार प्रसाद ने 21 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आवास की बदहाल स्थिति से अवगत कराया और वैकल्पिक आवास की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण कराने और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, मरम्मत पूरी होने तक हरिद्वार प्रसाद को अस्पताल परिसर के बाहर किराए के मकान में रहने की अनुमति भी प्रदान की गई थी।

इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया है। हरिद्वार प्रसाद का आरोप है कि अब तक कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा और न ही मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। उन्होंने बताया कि मकान की छत और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। कई स्थानों पर लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं और छत से सीमेंट व प्लास्टर के टुकड़े लगातार गिर रहे हैं। सुरक्षा के लिए कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से करकट लगाकर ढका गया है, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है।

परिवार का कहना है कि घर में रहना अब जोखिम भरा हो चुका है। बच्चों और अन्य परिजनों में हर समय भय का माहौल बना रहता है। उनका सवाल है कि यदि अचानक आवास खाली करने को कहा जाता है तो परिवार आखिर कहां जाएगा? सीमित संसाधनों के बीच तत्काल किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट होना आसान नहीं है।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं निरीक्षण और मरम्मत के आदेश जारी कर चुके हैं, तो उन निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा? क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते जर्जर आवास की मरम्मत नहीं कराई गई और कोई अनहोनी हो गई, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

 

Back to top button
error: Content is protected !!