
चंदौली। बरहनी ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसानों ने बुधवार को जमीन बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट में डीएम चंद्रमोहन गर्ग और एडीएम राजेश कुमार से मुलाकात की। किसानों ने बरहनी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले विन्ध्य एक्सप्रेस वे का विरोध किया। कहा कि इस परियाजनों के लिए किसान अपनी उपजाऊ भूमि नहीं देंगे, लेकिन अफसरों ने परियोजना को सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए हाथ खड़ा कर दिया। इससे किसानों में काफी आक्रोश देखने को मिला।
किसान नेता रतन सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित विन्ध्य एक्सप्रेसवे बनने से किसानों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या तो उत्पन्न होगी ही भविष्य में प्राकृतिक त्रासदी से भी जूझना पड़ सकता है।विन्ध्य एक्सप्रेस वे के निर्माण से बरहनी क्षेत्र के किसानों की समस्त भूमि दो हिस्सों में बंट जाएगी। अधिग्रहण के उपरान्त शेष बची हुई भूमि पर कृषि कार्य करना असम्भव हो जाएगा। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से सिचाई कार्य पूर्णतः प्रभावित हो जाएगा। किसान सुमंत सिंह अन्ना ने कहा कि एक्सप्रेस वे कर्मनाशा नदी के किनारें बाई ओर से प्रस्तावित है। यदि भविष्य में बाढ़ आती है तो एक्सप्रेस वे के दाहिने की समस्त कृषि भूमि व आबादी जलमग्न होती रहेगी। कहा कि सैयदराजा-गाजीपुर ग्रीनफील्ड के निर्माण कार्य की योजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। महेश्वर सिंह, निखिल कुमार सिंह, अशोक यादव, मनोज सिंह, प्रभात सिंह, अविनाश सिंह आदि मौजूद थे।

