
चंदौली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सकलडीहा और सदर तहसील के जलमग्न गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने और किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। बुधवार को जिलाध्यक्ष दयाशंकर सिंह उर्फ गोपाल के नेतृत्व में किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा।
जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सकलडीहा और सदर तहसील को तत्काल बाढ़ प्रभावित घोषित कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने कहा कि किसानों ने पानी की कमी के दौरान इंजन चलाकर किसी तरह धान की रोपाई की थी, लेकिन लगातार बारिश से धान की फसल के साथ पशुओं का चारा भी जलमग्न हो गया है। उन्होंने बंधी प्रखंड द्वारा ड्रेनों की समुचित सफाई न किए जाने और जलकुंभी जमा होने को जलभराव का प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने कहा कि पिपरी, नरौजा, धनउर, बर्थरा कलां, बर्थरा खुर्द, बिसुंधरी, मधुबन, बसंतपुर, जमुनीपुर, दिघवट, फेसुड़ा, बरंगा, पंचदेवरा, नरैना, कटसिल, पदुमनाथपुर, टेनुवट, बरठी, शिवपुर, बढ़लडीह, भोजापुर, सैवखर, माटीगांव सहित दर्जनों गांव जलभराव से प्रभावित हैं।
युवा अध्यक्ष रंकज सिंह ने आरोप लगाया कि तहसील स्तर के अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित गांवों का सर्वे नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जल्द सर्वे कराकर बाढ़ घोषित करने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान रामभजन मौर्य, जयप्रकाश, शिवमूरत मौर्य, डॉ. शशिकांत मिश्रा, बेचई पांडेय, श्रीनिवास तिवारी और मनोज यादव सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

