
चंदौली। बिजली विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों और कैश काउंटर ऑपरेटरों को हटाए जाने की कवायद से कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है। नौकरी जाने के संकट से जूझ रहे कर्मियों के समर्थन में सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ ने मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के बजाय उन्हें विभाग में समायोजित करने और सम्मानजनक मानदेय दिलाने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने पत्र में कहा है कि विद्युत वितरण मंडल चंदौली, मुगलसराय और सकलडीहा में कैश काउंटर, कार्यालय के कंप्यूटर कार्य और राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण काम आउटसोर्स कर्मियों के जिम्मे हैं। ये कर्मचारी अलग-अलग आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से लंबे समय से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब पुरानी एजेंसी की संविदा समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था में इन कर्मियों को हटाए जाने की आशंका ने उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया। कोरोना संक्रमण काल, नोटबंदी और ओटीएस जैसे अभियानों के दौरान भी उन्होंने अतिरिक्त समय देकर राजस्व वसूली समेत विभागीय कार्यों को गति देने में योगदान दिया। इसके बावजूद अब अनुभव और सेवा अवधि को दरकिनार कर उन्हें बाहर किए जाने की स्थिति बन रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है। वर्षों तक एक ही विभाग में सेवा देने के बाद इस उम्र में नौकरी छिनने पर उनके लिए नए रोजगार की तलाश आसान नहीं होगी। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होगी। उन्होंने कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदौली जैसे भौगोलिक और सामाजिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी इन कर्मियों ने विभाग के कार्यों को सुचारु रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को हटाने के बजाय उनका समायोजन किया जाए, ताकि उनकी आजीविका बनी रहे। कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेकर राहत दिलाएगा।

