क्राइमचंदौली

तालाब पर अतिक्रमण का आरोप, दो साल से न्याय की आस में भटक रहे ग्रामीण

संवाददाता : बाबू चौहान 

चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के ग्राम सभा गोविंदीपुर में सार्वजनिक तालाब की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पुराने पोखरे की लगभग दो बीघा भूमि पर पिछले दो वर्षों से अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे जल निकासी और जल संरक्षण की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।
ग्रामीणों के अनुसार तालाब की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण कर बांस और पर्दे से घेराबंदी कर दी गई है। इतना ही नहीं, तालाब में मिट्टी डालकर उसे पाटने का भी प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब का अस्तित्व समाप्त हो गया तो बरसात के मौसम में गांव को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गांव के कमलेश चौहान, राजेश चौहान, राम प्रसाद चौहान, रमेश, विजय राजवंशी, बीपी यादव, गुलाब चौहान, तारा, चंदा, राजकुमारी, फूल कुमारी और सुनीता समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से की है। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन दो वर्षों में केवल जांच और नापी की प्रक्रिया ही पूरी हुई, जबकि अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा तालाब की भूमि पर कब्जा किया गया है। विरोध करने पर लोगों को धमकाने की बात भी सामने आई है।
वहीं, बीते बुधवार को राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची और कथित तौर पर बिना स्पष्ट सीमांकन और पूर्व सूचना के एक मड़ई को गिराकर लौट गई। इस कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किया जाना चाहिए था तथा भूमि का विधिवत सीमांकन कराया जाना आवश्यक था।
मौके पर लेखपाल मनीष बजरंग सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब और जल निकासी के प्राकृतिक स्रोतों पर इसी तरह कब्जा होता रहा, तो बरसात के दौरान गांव को जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

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