चंदौलीराज्य/जिला

पंडित कमलापति त्रिपाठी ने चंदौली को बनाया धान का कटोरा, मनाई गई पूर्व मुख्यमंत्री की 121वीं जयंती

 

चंदौली। जिला को कांग्रेस कमेटी और स्मृति सेवा संस्थान की ओर से गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती कमलापति त्रिपाठी पार्क में मनाई गई। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उनके प्रपौत्र पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी ने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी ने चंदौली,वाराणसी और पूरे पूर्वांचल के विकास को केवल शहरों तक सीमित न रखकर सिंचाई, कृषि, रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जोड़ा।

चंदौली को “धान का कटोरा” बनाने के लिए उनकी सबसे बड़ी पहचान सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से जुड़ी है। उनके प्रयासों से नहरों, बांधों और पंप कैनाल जैसी सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ, जिससे कृषि भूमि को सिंचाई मिली और चंदौली की पहचान धान उत्पादन के बड़े क्षेत्र के रूप में बनी।

पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि उनके विकास मॉडल में स्कूल-कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं को महत्व दिया गया। अस्पताल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में उनका योगदान का उल्लेखनीय है।रेलवे के विकास ने चंदौली वाराणसी पूर्वांचल के व्यापार और आवागमन को मजबूत करने में मदद की।

सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ नारायण मूर्ति ओझा ने कहा कि पूर्वांचल के लिए उनका विकास मॉडल उनके काम को मोटे तौर पर रेलवे और सड़क से बाजार जुड़े। शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बढ़ें पूर्वांचल का समग्र विकास हो। इसी वजह से चंदौली में आज भी उन्हें केवल पूर्व मुख्यमंत्री या कांग्रेस नेता के रूप में नहीं, बल्कि “विकास पुरुष” के रूप में याद किया जाता है। आज भी जब सिंचाई और नहरों की बात होती है तो कमलापति त्रिपाठी का नाम सामने आता है।
कार्यक्रम जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी, बृजेश गुप्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह, आनंद शुक्ला, सतीश बिंद, राम आधार जोसेफ, श्री राम यादव, प्रदीप मिश्रा, राहुल सिंह, विजय तिवारी, दशरथ चौहान, सहित सम्मानित नागरिक व कांग्रेस जन मौजूद थे। संचालन संयोजक धर्मेंद्र तिवारी ने किया।

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