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Chandauli News: बाढ़ प्रभावित चुरमुली गांव पहुंचे डीएम, ग्रामीणों का जाना हाल, राहत कार्यों में तेजी के दिए निर्देश

चंदौली। बाढ़ की स्थिति के बीच जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने गुरुवार को चूरमूली गांव का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने गांव में पहुंचकर जलभराव की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने और प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बाढ़ के पानी से घिरे चूरमूली गांव में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को भोजन, राशन किट, शुद्ध पेयजल और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न होने पाए। राहत सामग्री का वितरण जरूरतमंद परिवारों तक प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल को बाढ़ से हुए नुकसान का पारदर्शी एवं त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल, मकान और पशुधन को हुई क्षति का सटीक सर्वे कराया जाए और इसकी रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र प्रभावितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता समय से उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने लेखपालों को प्रभावित क्षेत्र में ही कैंप करने और ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्वास्थ्य विभाग तथा पशुपालन विभाग की टीमों को भी प्रभावित इलाकों में लगातार भ्रमणशील रहने को कहा। उन्होंने बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, क्लोरीन की गोलियों का वितरण तथा पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग की टीम सहित विभिन्न जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी से अपनी समस्याएं साझा कीं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।

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