
चंदौली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित होता है तो दुनिया की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में भारी उछाल के साथ कई देशों में ऊर्जा संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
वित्तीय शिक्षाविद, समाजसेवी LTP कैलकुलेटर और डैडीज इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री मार्ग है। इसके एक ओर ईरान तथा दूसरी ओर ओमान और संयुक्त अरब अमीरात स्थित हैं। दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा तथा बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से होकर विभिन्न देशों तक पहुंचती है।
बंद हुआ तो बढ़ेंगे तेल के दाम
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी युद्ध या सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो जाता है तो तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होगी। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कमी पैदा हो सकती है और तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही शेयर बाजारों में अस्थिरता और विश्व स्तर पर महंगाई बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की बड़ी हिस्सेदारी है। इन देशों से आने वाला अधिकांश तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही प्लास्टिक, केमिकल, उर्वरक और विनिर्माण उद्योगों की लागत बढ़ने की आशंका रहेगी।
भारत ने की है तैयारी
डॉ. तिवारी के अनुसार भारत ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) विकसित किए हैं और तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। इसके बावजूद यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है तो उसका प्रभाव भारत सहित पूरी दुनिया पर महसूस किया जाएगा।
दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा है। इसके खुले रहने से दुनिया की आर्थिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती हैं, जबकि इसके बाधित होने पर तेल, महंगाई और बाजारों पर व्यापक असर पड़ सकता है। इसलिए इस जलडमरूमध्य पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

