
चंदौली। सदर ब्लॉक के ग्राम सभा सवैया महलवार में जलनिकासी की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित दलित बस्ती की तीनों प्रमुख गलियां गंदे पानी और कीचड़ से पूरी तरह भर चुकी हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बस्ती में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नालियों का पानी गलियों में जमा होकर सड़ रहा है। गंदगी और दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय सता रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई स्थानों पर पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मिट्टी डालकर पानी को रोकने और रास्ता बनाने का प्रयास किया है, लेकिन यह व्यवस्था अस्थायी साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के समीप से सिंचाई विभाग की एक नहर गुजरती है, जिसके माध्यम से वर्षों से गांव का गंदा पानी बाहर निकलता रहा है। हालांकि हाल ही में सिंचाई विभाग ने नहर में गंदा पानी छोड़ने पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है। विभाग ने नहर की सफाई स्वयं कराने और नहर पर रखी गई पट्टियों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
इस निर्णय को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब पूरे गांव का पानी इसी रास्ते से निकलता रहा है, तो सफाई की जिम्मेदारी केवल दलित बस्ती के लोगों पर डालना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि यदि नहर पर रखी पट्टियां हटा दी गईं तो दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो सकते हैं।
कैलाश राम, ललता, पूर्व प्रधान चौथी, राजबहादुर, तेजू राम, मौलवी गौंड, प्यारे राम, रविंद्र, राजू, मीरा देवी, शकुंतला देवी, दुलारी देवी और फूल कुमारी समेत अनेक ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान शीला देवी और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।
मामले पर खंड विकास अधिकारी राकेश सिंह ने कहा कि उन्हें समस्या की जानकारी मिली है। वह स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान का प्रयास करेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर न हो।

