
चंदौली। पूर्व मध्य रेल के “विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025” में जीएम ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड सहित कुल 11 शील्ड हासिल करने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल में उत्सव का माहौल रहा। इस उपलब्धि को पूरे मंडल में हर्ष और गर्व के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डीडीयू जंक्शन से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय तक निकाली गई भव्य उत्सव यात्रा से हुई। ‘प्रगति के पथ पर अग्रसर, हम बना रहे हैं नया भारत’ के उद्घोष के साथ निकली इस यात्रा में ढोल-नगाड़ों की गूंज ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। यात्रा के दौरान मंडल को प्राप्त सभी शील्डों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इसमें शाखा अधिकारियों, बड़ी संख्या में रेलकर्मियों और स्काउट-गाइड के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचने पर मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस सफलता को टीम वर्क, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम बताते हुए सभी रेलकर्मियों को बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह प्रदर्शन बनाए रखने का आह्वान किया।
इसके बाद मंडल कार्यालय के सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए इसे आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा बताया।
डीडीयू मंडल ने हाल के वर्षों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 4.5 किलोमीटर लंबी ‘रुद्रास्त्र’ मालगाड़ी का सफल संचालन, वैगनों का रिकॉर्ड पीओएच (POH), क्लोज्ड सर्किट रेक का गठन और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
परिचालन के क्षेत्र में भी मंडल लगातार शीर्ष पर रहा है और कई मौकों पर 100 प्रतिशत मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालन सुनिश्चित कर अपनी दक्षता साबित की है। वहीं होली, छठ और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान भारी यात्री दबाव के बावजूद ट्रेन संचालन, सुरक्षा और सुविधाओं को प्रभावी ढंग से बनाए रखा गया।
नवाचार के क्षेत्र में डीडीयू मंडल ने टिकट जांच कर्मियों के लिए डिजिटल बायोमेट्रिक साइन-अप प्रणाली शुरू कर भारतीय रेल में नई पहल की है। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर उन्नयन में भी मंडल ने एक ही वित्तीय वर्ष में 160 और 180 किमी/घंटा की गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।
अंत में मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने इस सफलता का श्रेय प्रत्येक रेलकर्मी को देते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि डीडीयू मंडल आगे भी इसी टीम भावना के साथ नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा और ‘नया भारत’ के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।

