
चंदौली। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में थाना अलीनगर पर तैनात उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस विभाग की जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि उपनिरीक्षक द्वारा अपराध नियंत्रण एवं विवेचनात्मक कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई। साथ ही कई महत्वपूर्ण मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं की गई और वरिष्ठ अधिकारियों को सही जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 28 मई 2026 को अलीनगर क्षेत्र में हुए स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड से पहले उसी दुकान में टप्पेबाजी की घटना हुई थी। इसकी जानकारी होने के बावजूद उपनिरीक्षक द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसके अलावा एक युवती के सुसाइड नोट छोड़कर लापता होने के मामले में भी लगभग दो माह तक जांच लंबित रही। जबकि युवती की गुमशुदगी वाले दिन ही वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में उसकी मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि मामले में उपनिरीक्षक ने अधिकारियों को भ्रामक जानकारी दी कि आसपास के जनपदों में मिले अज्ञात शवों की जानकारी कर ली गई है। इस लापरवाही के चलते परिजनों को युवती की मौत की जानकारी नहीं मिल सकी और उसका अंतिम संस्कार अज्ञात शव के रूप में कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन चंदौली से संबद्ध कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट किया है कि जनता की शिकायतों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई न करने वाले तथा पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

