
चंदौली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नन्द बाबा सेवा आश्रम फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से लेहरा खास स्थित काली माता मंदिर परिसर में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान मंदिर प्रांगण में नीम का पौधा रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया तथा उपस्थित लोगों ने पर्यावरण बचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस दौरान नन्द बाबा दर्शनिया ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव जीवन की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ मां के नाम और एक पेड़ धरती मां के नाम” लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि मां हमें जन्म देती है और धरती मां जीवन जीने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में दोनों के प्रति सम्मान प्रकट करने का सबसे प्रभावी माध्यम वृक्षारोपण है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते वन क्षेत्र मानव अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर समाजसेवी त्रिभुवन नारायण पाण्डेय, दशमी खरवार और दीनदयाल पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि हर व्यक्ति यदि एक पौधे की जिम्मेदारी ले ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

