
चंदौली। युवा संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सकलडीहा के माध्यम से सौंपकर बिहार के भोजपुर (आरा) जिले में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि 17 जून को भोजपुर पुलिस द्वारा फर्जी एनकाउंटर के नाम पर भरत तिवारी की हत्या किए जाने का आरोप है। मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मोर्चा के शैलेंद्र पांडेय एडवोकेट ने कहा कि आजाद भारत में इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के बावजूद ऐसी घटनाएं लोकतंत्र का मजाक उड़ाने के समान हैं। पुलिस द्वारा किया गया कृत्य पूरी तरह अमानवीय और क्रूर है, जिसे सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं दिया जा सकता।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से मदन सिंह मुनमुन, ईश्वर चंद पांडेय, अतुल तिवारी, सुरेंद्रकांत मिश्रा, लकी तिवारी और अंकित तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

