
चंदौली। उत्तर प्रदेश ताइक्वांडो एसोसिएशन के तत्वावधान में लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा (चंदौली) के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच कांस्य पदक जीतकर विद्यालय और जनपद का नाम रोशन किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है और उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है।
31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 42वीं सब जूनियर, 10वीं कैडेट, 44वीं जूनियर, 43वीं क्योंरुगु, 10वीं पूमसे तथा 15वीं फ्रेशर स्टेट ताइक्वांडो प्रतियोगिता के मुकाबले हुए, जिनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल के खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पांच कांस्य पदक अपने नाम किए।
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में चंदौली के रणविजय सिंह गोंड और नौसिया परवीन, गोरखपुर के अविनाश गुप्ता, सुल्तानपुर के अंशु निषाद तथा पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की संबोधिका सरकार शामिल हैं। सभी खिलाड़ियों ने अपने-अपने वर्ग में शानदार मुकाबले खेले और कांस्य पदक जीतकर विद्यालय के खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को साबित किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल में देश के विभिन्न राज्यों और जनपदों से छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ खेलों का भी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण लेते हैं। आवासीय व्यवस्था और अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है कि विद्यालय के खिलाड़ी लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना रहे हैं।
विद्यालय के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अनुशासन, कठिन परिश्रम और बेहतर प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर और उचित मार्गदर्शन देने की है। विद्यालय भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराता रहेगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल कर सकें।
प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार शिक्षा के साथ खेलों को समान महत्व दिया जाता है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर अभिभावकों ने भी खुशी जताई और विद्यालय प्रबंधन तथा प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेलों पर दिया जा रहा विशेष ध्यान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

