
चंदौली। जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आदतन एवं पेशेवर अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के तहत दोनों अपराधियों को छह माह के लिए चंदौली जनपद की भौगोलिक सीमा से निष्कासित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार जनपद में अपराधियों और अराजक तत्वों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऐसे अपराधियों को चिन्हित किया गया, जिनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही थीं। जिला प्रशासन ने उनके आपराधिक इतिहास का परीक्षण करने के बाद उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्रवाई की।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर किए गए दोनों अपराधियों को छह माह तक चंदौली जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। यदि इस अवधि के दौरान इनमें से कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा में पाया जाता है या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त मिलता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोनों पर पुलिस की लगातार निगरानी भी रखी जाएगी।
जिलाबदर किए गए आरोपियों में पहला नाम थाना अलीनगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 बिछड़ी गांव निवासी विशाल उर्फ आकाश सोनकर का है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसके विरुद्ध चोरी, चोरी के माल की बरामदगी तथा एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकांश मामले जीआरपी डीडीयू थाने में पंजीकृत हैं, जबकि हाल के वर्षों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
दूसरा जिला बदर किया गया अपराधी थाना अलीनगर क्षेत्र के अमोघपुर गांव निवासी सुनील चौहान है। उसके विरुद्ध मारपीट, आपराधिक धमकी, अमानत में खयानत, महामारी अधिनियम के उल्लंघन तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध लगातार दर्ज मामलों को देखते हुए जिला बदर की कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

