
चंदौली। जनपद में अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाया है। लंबित विवेचनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर दो थाना प्रभारियों, तीन विवेचकों और एक हेड कांस्टेबल के विरुद्ध प्रारंभिक एवं विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वारा कराई गई समीक्षा में गो-तस्करी से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई न करने, गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही में देरी, लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण न करने तथा संवेदनशील मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं।
थाना कंदवा में गोवध और पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्रावली समय पर तैयार न करने पर थानाध्यक्ष राजीव मल्ल एवं हेड कांस्टेबल मनोज सागर के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
थाना चंदौली में तैनात निरीक्षक रामजीत यादव पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की विवेचना में शिथिलता बरतने का आरोप पाया गया, जिसके चलते उनके खिलाफ भी जांच बैठाई गई है।
थाना शहाबगंज में नाबालिग किशोरी के अपहरण से जुड़े मुकदमे की विवेचना दो माह से अधिक समय तक लंबित रहने पर उपनिरीक्षक प्रेमचंद्र सिंह के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
वहीं थाना अलीनगर में संवेदनशील मामले की विवेचना में अपेक्षित प्रगति न होने पर निरीक्षक दयाराम गौतम के खिलाफ जांच शुरू की गई है। इसके अलावा गोवंश तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई न करने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल के खिलाफ प्रारंभिक एवं विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसपी आकाश पटेल ने सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित विवेचनाओं, निरोधात्मक कार्यवाहियों और न्यायालय संबंधी प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराएं।

