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केजी नंदा हॉस्पिटल में मरीज के परिजन के साथ मारपीट, डॉक्टर पर धमकी देने का आरोप, तहरीर मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस

चंदौली। केजी नंदा हॉस्पिटल में अपनी रिश्तेदार का इलाज करने आए बरथरा निवासी युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। गार्ड ने युवक के साथ मारपीट की। पीड़ित ने डॉक्टर से शिकायत की तो उन्होंने भी धमकी देते हुए युवक को अपशब्द कहे। युवक अपनी फरियाद के साथ एसपी ऑफिस पहुंचा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नहीं थे। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने की बात कही। इसके बाद युवक कोतवाली पहुंचा और लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

बरथरा निवासी युवक का आरोप है कि वह अपनी रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए दस दिन से अस्पताल का चक्कर काट रहा था। शनिवार को उसकी रिश्तेदार को डॉक्टर के चेंबर में बुलाया गया। महिला भीतर चली गई लेकिन उसे गार्ड ने बाहर ही रोक दिया। युवक ने तीमारदार होने के चलते भीतर जाने देने की बात कही तो गॉर्ड ने हाथ पकड़कर धक्का दे दिया। विरोध करने पर एक थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद युवक ने डॉक्टर से शिकायत की तो डॉक्टर ने उल्टा युवक को ही धमकी दी और अपशब्द कहे। पुलिस को दी गई तहरीर में युवक ने यह भी आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने अपने ड्रॉवर में रखी लाइसेंसी पिस्टल दिखाते हुए कहा कि यह तुम जैसों के लिए ही रखा हूं। घटना से आहत युवक एसपी ऑफिस पहुंचा । लेकिन समाधान दिवस के कारण पुलिस अधीक्षक नहीं मिले। इसके बाद युवक कोतवाली पहुंचा और लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। युवक का यह भी कहना है कि एक महीने की दवा और जांच के नाम पर 40 हजार रुपए ले लिए गए। कोतवाल विजय बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है जिसमें केजी नंदा हॉस्पिटल के गार्ड और डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं एएसपी अनंत चंद्रशेखर का कहना है कि घटना की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर ने मरीजों के साथ थाने में काटा था बवाल
केजी नंदा हॉस्पिटल और विवादों का पुराना नाता रहा है अभी कुछ माह पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य के साथ अस्पताल में बदसलूकी की गई जब सदस्य ने कार्रवाई की चेतावनी दी तो डॉक्टर सैकड़ो मरीजों के साथ थाने में पहुंच गए और घंटों बवाल काटा। इस दौरान सीओ के साथ धक्कामुक्की भी की गई। किरकिरी होने के बाद पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज तो कर लिया गया। लेकिन बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

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