
चंदौली। धर्म, आस्था और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा के बीच चहनियां क्षेत्र के सेवड़ी मड़ई गांव में सोमवार को वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का भव्य आगाज हुआ। रामलीला के शुभारंभ के साथ ही पूरा गांव भक्तिरस में सराबोर हो उठा। मंच से गूंजे प्रभु श्रीराम के जयकारों और रामकथा के भावपूर्ण प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में ग्रामीण रामलीला के साक्षी बने।
रामलीला का उद्घाटन ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार सिंह ‘रिंकू सिंह’ ने फीता काटकर किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम सहित पूज्य गुरुजनों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक परंपराओं के प्रति श्रद्धा और ग्रामीणों के उत्साह के बीच रामलीला का शुभारंभ क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
श्रीराम जन्मोत्सव से ताड़का वध तक, मंचन ने बांधा समा
रामलीला के प्रथम दिन कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव और नामकरण संस्कार का मनोहारी मंचन किया। इसके साथ ही गुरु विश्वामित्र के आगमन, ताड़का वध और सुबाहु वध जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय, प्रभावशाली संवाद और पारंपरिक प्रस्तुति ने दर्शकों को रामकथा के आध्यात्मिक संसार से जोड़ दिया।
प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव के मंचन के दौरान श्रद्धा और उल्लास का वातावरण दिखाई दिया। वहीं, अधर्म पर धर्म की विजय को दर्शाने वाले प्रसंगों ने दर्शकों को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। पूरा रामलीला परिसर भक्ति और आस्था से ओतप्रोत नजर आया तथा जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
कमेटी और ग्रामीणों की सहभागिता से जीवंत हुई परंपरा
गांव में रामलीला के शुभारंभ को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। रामलीला कमेटी और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ. प्रताप नारायण मिश्र, पूर्व अध्यक्ष गुप्तेश्वर पांडेय, उपाध्यक्ष सर्वेश पांडेय, कोषाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र, व्यास अवधेश मिश्र, गोविंद मिश्र, सचिव दिवाकर यादव, व्यवस्थापक श्रीनिवास मिश्र, अनिल पांडेय, मुनिलाल यादव, मुन्नी राय, संजय राय, रामायण गायक अंजनी पांडेय, बाबूराम राय, छोटू राय, पवन पांडेय, आकाश पांडेय, धीरज पांडेय, कारण राय, शिव शर्मा और सुगनु पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

