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वाराणसी

Varanasi News : गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव, मां गंगा की आरती का स्थान बदला, जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपसी संपर्क भी टूटा

वाराणसी : पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश और गंगा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। वहीं बुधवार की शाम गंगा के जलस्तर में उफान को देखते हुए दशाश्वमेधघाट पर गंगा सेवा निधि की विश्व प्रसिद्ध सायंकालीन गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। मां गंगा की आरती का स्थान लगभग 10 फीट पीछे किया गया। चबूतरे के बजाय पीछे प्लेटफार्म पर ही मां गंगा की आरती का आयोजन करना पड़ा। फिलहाल गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लहरें घाटों की एक एक सीढ़ियों को डूबों रही हैं।

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में मां गंगा की आरती का स्थान आज पहली बार परिवर्तित किया गया है। उन्होंने बताया कि अब जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ेगा वैसे-वैसे स्थान बदलता जाएगा। इसके अलावा गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए गंगा आरती के दौरान सतर्कता भी बरती जा रही हैं।

उधर, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के चलते चार से अधिक घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। डॉ राजेंद्र प्रसाद, दशाश्वमेध, मुंशी, अहिल्याबाई और दरभंगा घाट की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। भदैनी घाट पर ऊपर तक पानी चढ़ गया है। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के निचले हिस्से में शवदाह के लिए बनाए गए प्लेटफार्म पानी में डूब गए हैं। अब ऊपरी हिस्से में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। गंगा के लगातार बढ़ते जल स्तर पर जिला प्रशासन की नजर बनी हुई है।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर वॉर्निंग लेवल 70.262 मीटर से 7.38 मीटर दूर है। वहीं, डेंजर लेवल 71.262 से 8.38 मीटर की दूरी पर गंगा हैं। वाराणसी में 9 सितंबर, 1978 को गंगा का जलस्तर सबसे ज्यादा 73.901 तक पहुंच गया था। अभी वाराणसी में गंगा का जलस्तर इससे 11 मीटर कम है।

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