
चंदौली। जिले में तीन दिन के भीतर तीन लोगों की हत्या कर सनसनी फैलाने वाला कथित साइको किलर आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। सकलडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस और आरोपी गुरप्रीत सिंह के बीच हुई मुठभेड़ में उसे गोली लगी। घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कानून व्यवस्था को लेकर सख्त माने जाने वाले पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के नेतृत्व में पुलिस लगातार मामले की तह तक पहुंचने में जुटी थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी गुरप्रीत सिंह हरियाणा के अंबाला का रहने वाला था और भारतीय सेना का पूर्व जवान रह चुका था। वर्ष 2020 में उसने आर्मी की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह विभिन्न स्थानों पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता रहा। उसके पास से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और एक अवैध तमंचा बरामद हुआ था।
बताया गया कि पुलिस आरोपी को उस स्थान पर लेकर गई थी, जहां उसने डीडीयू–ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में पहली हत्या को अंजाम दिया था। इसी दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पेट और सीने में लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
गौरतलब है कि गुरप्रीत सिंह ने एक ही पैटर्न पर तीन सनसनीखेज हत्याएं की थीं। पहली वारदात में उसने डीडीयू–ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर के जमानियां निवासी मंगरू की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अगले ही दिन जम्मूतवी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में बिहार के गया निवासी दिनेश साहू को गोली मार दी। तीसरी घटना में उसने इलाज के लिए जीवक हॉस्पिटल पहुंचने के बाद वहां भर्ती महिला मरीज लक्ष्मीना देवी को सिर में गोली मार दी थी।
तीनों घटनाओं के बाद जिले में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि जीवक हॉस्पिटल में लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया, लेकिन हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं बता रहा था और पुलिस को लगातार भ्रमित करने की कोशिश कर रहा था।

