
चंदौली। तीन दिन में तीन लोगों की जान लेने वाला साइको किलर आर्मी का पूर्व जवान निकला। उसने एक ही पैटर्न पर तीनों हत्याओं को अंजाम दिया था। पहले डीडीयू ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में युवक की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। अगले दिन जम्मूतवी एक्सप्रेस में युवक की जान ली। उसके बाद जीवक हॉस्पिटल में महिला मरीज को बिना किसी बात के सिर में गोली मार दी। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म तो कुबूल कर लिया, लेकिन स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बता रहा है। पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी गुरप्रीत सिंह अंबाला का रहने वाला है। 2020 में उसने आर्मी की नौकरी छोड़ दी। उसके बाद बतौर सिक्योरिटी गार्ड कई जगहों पर काम किया। उसके परिवार में पत्नी, माता-पिता और दो बच्चे हैं। जिस रिवाल्वर से उसने घटनाओं को अंजाम दिया वह लाइसेंसी है, जबकि उसके पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद हुआ है। गुरप्रीत डीडीयू से कोलकाता जाने के लिए निकला, लेकिन उसने गलत ट्रेन पकड़ ली और ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हो गया। उसने कुछमन और सकलडीहा स्टेशन के बीच इब्राहिमपुर गांव के पास गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला निवासी 34 वर्षीय मंगरू के सिर पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। उसके बाद ट्रेन से उतरकर भाग गया और वाराणसी पहुंचा।
गुरप्रीत वाराणसी में कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस में बैठ गया, जिसके एस-2 कोच में यात्रा कर रहे बिहार के गया जिले के पिपरिया गांव निवी 42 वर्षीय दिनेश साहू को रविवार की देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन के पहले ब्लॉक हट बी के पास गोली मार दी। यहां ट्रेन की स्पीड धीरे थी, इसका फायदा उठाकर आरोपी ट्रेन से नीचे उतरकर भाग गया। इस दौरान उसके पैर में चोट लग गई। पैर के इलाज के लिए वह जीवक हॉस्पिटल पहुंचा। अस्पताल में उसने इलाज के लिए पर्ची कटवाई और उसी दौरान बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र निवासी 55 वर्षीय लक्ष्मीना देवी को भी गोली मार दी। हालांकि अस्पताल में लोगों ने उसे पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
सीओ अरूण सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसने तीनों ही घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उससे पूछताछ कर और जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

