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IPL का रोमांच या ऑनलाइन सट्टे का मायाजाल? युवाओं और बच्चों को निगल रहा “ID वाले” नेटवर्क का खतरा

चंदौली। IPL का सीजन आते ही क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह चरम पर पहुंच जाता है, लेकिन इसी रोमांच के बीच ऑनलाइन सट्टेबाज़ी का अवैध कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। LTP कैलकुलेटर और डैडीज इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने इस बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए कहा कि आज ऑनलाइन सट्टा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं और परिवारों को बर्बादी की ओर धकेलने वाला जाल बन चुका है।

उन्होंने कहा कि अब गांवों, कस्बों और शहरों में “IPL ID” आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है। कुछ लोग युवाओं को जल्दी पैसा कमाने का सपना दिखाकर उन्हें इस नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। शुरुआत छोटी रकम से होती है, लेकिन हार की भरपाई के चक्कर में लोग हजारों और लाखों रुपये तक गंवा बैठते हैं। इसके बाद कर्ज, ब्याज और गिरवी रखने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

डॉ. तिवारी के अनुसार आज ऑनलाइन सट्टे का पूरा सिस्टम बेहद आसान बना दिया गया है। UPI भुगतान, Telegram और WhatsApp लिंक, नकली ऐप्स और “100% भरोसेमंद ID” जैसे लालच देकर युवाओं को फंसाया जा रहा है। पहले जुए के अड्डे छिपकर चलते थे, लेकिन अब पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन के जरिए संचालित हो रहा है।

उन्होंने आशंका जताई कि कई अवैध प्लेटफॉर्म विदेशी सर्वरों पर चलते हैं, जिनकी पारदर्शिता नहीं होती। आम लोगों को यह तक नहीं पता होता कि उनका पैसा आखिर किस नेटवर्क तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियां भी समय-समय पर अवैध सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क के संभावित संबंधों को लेकर चिंता जता चुकी हैं।

डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने बताया कि IPL सट्टे के साथ सूदखोरी का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को 3 से 5 प्रतिशत मासिक ब्याज पर पैसा देकर खेल में उतारा जाता है। शुरुआत में यह आसान लगता है, लेकिन कुछ ही महीनों में कर्ज का बोझ कई गुना बढ़ जाता है। इसके कारण मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और कई बार अपराध जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं।

उन्होंने अभिभावकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि अगर बच्चे अचानक मोबाइल पर देर रात तक मैच देखने लगें, पैसों की मांग बढ़ा दें, या हार-जीत को लेकर अत्यधिक तनाव में रहने लगें, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों से डांटकर नहीं, बल्कि समझदारी और संवाद के जरिए बात करनी चाहिए।

डॉ. तिवारी ने यह भी चेतावनी दी कि कई अवैध सट्टा ऐप्स मोबाइल डेटा, बैंकिंग जानकारी, OTP और निजी जानकारी तक चुरा सकते हैं। नकली APK फाइलों के जरिए साइबर अपराधियों द्वारा मोबाइल हैकिंग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।

उन्होंने सरकार और समाज दोनों से इस नेटवर्क के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज को भी मिलकर युवाओं को जागरूक करना होगा। जल्दी अमीर बनने का सपना अक्सर सबसे खतरनाक जाल साबित होता है।

अंत में डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि क्रिकेट खेल, मनोरंजन और भावना का प्रतीक है, लेकिन जब यही खेल युवाओं का भविष्य और परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने लगे, तब समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

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