
चंदौली। विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि सदर क्षेत्र से सटे कई गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण उनकी सहमति के बिना और उचित मुआवजे के अभाव में किया जा रहा है।
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि मझवार, मसौनी, नेगुरा, पिपरपतिया, पड़यां, खुरुहुंजा, मड़हर, प्रतापपुर सहित अन्य गांवों की उपजाऊ जमीन को विंध्य एक्सप्रेस-वे के नाम पर अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने जिलाधिकारी से मांग की कि किसानों की उपजाऊ भूमि का जबरन अधिग्रहण तत्काल प्रभाव से रोका जाए और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों को व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

