
चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में बिजली के तारों की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठा। उद्यमियों ने बताया कि सीसी रोड बनने के बाद सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है, जबकि विद्युत तार अपेक्षाकृत नीचे रह गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम को यूपीसीडा के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्या का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य मार्ग के साथ अलीनगर-सिधीताली-जोगवा-नरायनपुर मार्ग के चौड़ीकरण का मामला भी बैठक में रखा गया। करीब 1.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 1503.05 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संबंधित स्तर पर समन्वय कर शासन से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के पार्कों में जलभराव और रखरखाव की समस्या पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने यूपीसीडा को औद्योगिक क्षेत्र के आठ पार्कों की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर समयबद्ध तरीके से कार्य कराने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत बिल और असेसमेंट से जुड़े विवाद भी उठे। शुभम प्लास्टिक, शुभम करवा वाणिज्य और मनोज पालीमर्स से संबंधित गलत बिलिंग, पेनल्टी और असेसमेंट के मामलों में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के खंड प्रथम और द्वितीय के अधिशासी अभियंताओं को उद्यमियों से समन्वय कर समस्याओं का समाधान कराने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा जफरपुर, चंदरखा और हेसामपुर में अधिग्रहित करीब 65 एकड़ भूमि से जुड़े कब्जे और मुआवजे के प्रकरण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देना और उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग और यूपीसीडा को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा अगली बैठक से पहले सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

