
चंदौली। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मुगलसराय और चंदौली क्षेत्र में मिष्ठान, डेयरी और शॉपिंग मॉल समेत कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान दूध, पनीर, खोया, बटर, क्रीम और फ्रूट सिरप समेत कुल 11 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित कर सील किए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
यह कार्रवाई खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, भारत सरकार, आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर की गई। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय के निर्देशन में हुई अचानक छापेमारी से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग की टीम ने प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के साथ नमूने भी लिए।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुगलसराय स्थित आईपी मुगल मॉल के विभिन्न आउटलेट्स से फ्रूट सिरप के चार, बटर का एक, दूध का एक और क्रीम का एक नमूना लिया। इसके अलावा इंदिरानगर, चंदौली स्थित यादव डेयरी से त्योहार के दौरान बढ़ी मावे की मांग को देखते हुए खोया, पनीर और दूध के नमूने संकलित किए गए।
वहीं कैली रोड स्थित एक डेयरी पर आईजीआरएस के माध्यम से पनीर में मिलावट की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के निस्तारण के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डेयरी से पनीर का नमूना लेकर उसे सील किया। सभी नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी टीम का नेतृत्व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी ने किया। उनके साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रणधीर सिंह यादव और अरविंद कुमार मौजूद रहे। टीम ने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय धीरेंद्र सिंह ने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने या मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन को देखते हुए शुरू किया गया यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की टीम लगातार विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच करेगी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

