
चंदौली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में काम करने वाली समूह सखी, बैंक सखी और बुक कीपरों ने सोमवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दो साल का मानदेय मनमाने ढंग से रोकने को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
अध्यक्ष गीता मौर्या ने कहा की समूह मे काम कर रही समूह सखी, बैंक सखी और बुक कीपरो का मानदेय दो साल से रोका गया है. जबकि नियमित कर्मचारी मानदेय ले रहे है। काम करने वाली महिला को बहकाया जाता है कि यह काम कर लो वह काम कर लो तब मानदेय मिल जाएगा। महिलाएं लगातार काम करती जा रही है लेकिन मानदेय नहीं मिल रहा है. महिलाएं करे तो क्या करें।
संघर्ष मोर्चे की संयोजिका राजेश्वरी चतुर्वेदी ने बताया कि समूह की महिलाएं बिना अवकाश के प्रतिदिन 10 से 12 घंटे काम कर रही है लेकिन उनका मानदेय मात्र दो हजार रुपया है। इसी पैसे से स्मार्ट फोन रिचार्ज और आने जाने का किराया खुद वहन करना पड़ता है। मानदेय के नाम पर विभाग द्वारा गोलमोल जवाब दिया जाता है कि अगले महीने आ जाएगा।
चेतावनी दी को एक सप्ताह के भीतर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो भूख हड़ताल पर बैठने का काम करेंगी। प्रदर्शन में नौगढ़, चकिया, शहाबगंज चंदौली, नियमाताबाद, सकलडीहा, चहनिया धानापुर ब्लाक की गीता मौर्या अंजू पाण्डेय चंद्रकला, अंजू, उर्मिला, रीता नैयर अहिल्या देवी रचना देवी आदि महिलाएं उपस्थित थी।

