
चंदौली। बिशुनपुरा स्थित डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों की गणितीय समझ, तार्किक सोच और समस्या-समाधान क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से मासिक मैथ्स ओलंपियाड परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की है कि अब प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस पर नियमित रूप से स्कूल ओलंपियाड आयोजित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का निरंतर शैक्षणिक मूल्यांकन हो सके।
संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी की पहल पर आयोजित इस परीक्षा में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सामान्य कक्षा परीक्षाओं से अलग इस ओलंपियाड में विद्यार्थियों की Logical Reasoning, Concept Clarity, Speed, Accuracy और Problem-Solving Ability का मूल्यांकन किया गया।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि उन्हें हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ समाधान खोजने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि मासिक ओलंपियाड से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और प्रत्येक छात्र की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने में भी सहायता मिलेगी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित ओलंपियाड से विद्यार्थियों की तैयारी केवल वार्षिक परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। प्रत्येक माह होने वाले मूल्यांकन से उनकी प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा तथा जिन विषयों और अध्यायों में कमजोरी होगी, उन पर शिक्षकों द्वारा विशेष रूप से कार्य किया जाएगा।
अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मासिक ओलंपियाड से बच्चों में पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनी रहेगी और उन्हें कम उम्र से ही प्रतियोगी परीक्षाओं जैसा वातावरण मिलेगा। उनका मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और तार्किक सोच को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कक्षा अध्यापकों ने भी इसे प्रभावी शैक्षणिक पहल बताते हुए कहा कि ओलंपियाड के परिणाम केवल विद्यार्थियों का मूल्यांकन नहीं करेंगे, बल्कि शिक्षकों के लिए भी फीडबैक का कार्य करेंगे। इससे यह समझने में आसानी होगी कि किन विषयों पर पूरी कक्षा को दोबारा अभ्यास कराने या किन विद्यार्थियों को अतिरिक्त मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आगामी महीनों में मैथमेटिक्स के साथ साइंस, इंग्लिश, जनरल नॉलेज और फाइनेंशियल एजुकेशन जैसे विषयों को भी स्कूल ओलंपियाड की श्रृंखला में शामिल किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में नियमित अध्ययन के साथ प्रतिस्पर्धात्मक सोच और बेहतर शैक्षणिक दक्षता विकसित हो सके।

