
चंदौली। गरीब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री मुद्रा लोन का लाभ दिलाने का झांसा देकर बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी रोहित कुमार उर्फ काला पूर्व में एक्सिस बैंक का कर्मचारी रह चुका है। पुलिस के अनुसार उसने पूर्व में करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की साइबर फ्रॉड में संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 12 सितंबर 2026 को करीब 12:20 बजे मुखबिर की सूचना पर ओदरा मार्ग से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष विश्वकर्मा (22), निवासी पसाई, थाना धीना और रोहित कुमार उर्फ काला (31), निवासी सेवढ़ी मड़ई, थाना बलुआ के रूप में हुई है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल, एक कूटरचित आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायत से हुई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि जनवरी 2024 में कालीन कारखाने में एक्सिस बैंक कर्मचारी रोहित कुमार और उसके साथी ने विभिन्न सुविधाओं का लालच देकर जीरो बैलेंस खाते खुलवाए। बाद में खाताधारकों से ओटीपी की जानकारी हासिल कर खातों का इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट व विज्ञापन तैयार कर लोगों से साइबर ठगी करता था। ठगी की रकम ग्रामीणों के बैंक खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद एटीएम के माध्यम से रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांटते थे।
प्रारंभिक जांच में चार बैंक खातों के खिलाफ NCRP पर 18 अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज मिली हैं, जिनमें करीब 2.5 लाख रुपये की ठगी रिपोर्ट हुई है। पुलिस के अनुसार नेटवर्क के तार आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। रोहित द्वारा पूर्व में खुलवाए गए करीब 300 खातों की विस्तृत जांच जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने मुंबई स्थित सहयोगियों को खातों की जानकारी भेजने और फर्जी लोन वेबसाइटों के जरिए ठगी की रकम मंगाने की बात बताई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों के लेनदेन की भी जांच कर रही है।

