
चंदौली। गंगा इस समय उफान पर हैं। जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। राजघाट गेट के अनुसार शनिवार की सुबह गंगा का जलस्तर 69.17 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से महज 1.09 मीटर नीचे है। गंगा में तेज बहाव और उफान को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। प्रशासन ने टांडा-कैथी घाट पर संचालित सरकारी निशुल्क नाव सेवा पर तत्काल रोक लगा दी है। वहीं तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

घाट दरोगा दीना सिंह ने बताया कि ऊपरी क्षेत्र के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही नदी की धारा का वेग भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में नाव संचालन करना यात्रियों और नाविकों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। तेज बहाव के कारण नाव के अनियंत्रित होकर बहने की आशंका बनी हुई है।
बताया गया कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद बीते दिनों टांडा-कैथी घाट पर लोग नावों के जरिये गंगा पार कर रहे थे। कई यात्रियों के लाइफ जैकेट नहीं पहनने की बात भी सामने आई थी। बाढ़ के दौरान नदी में तेज धारा के बीच बिना सुरक्षा उपकरण नाव से यात्रा करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में किसी संभावित हादसे को रोकने के लिए प्रशासन ने नाव सेवा बंद करने का निर्णय लिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार टांडा-कैथी घाट के माध्यम से आसपास के ग्रामीणों और अन्य लोगों का आवागमन होता है। सरकारी निशुल्क नाव सेवा बंद होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और बहाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर नाव सेवा बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों को बाढ़ के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।

