
चंदौली। जिले में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर नवजात शिशुओं के माता-पिता को निशाना बना रहे हैं।
ठग पहले किसी तरह नवजात शिशु के अभिभावक का नाम, आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी और मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद वे फोन कर स्वयं को सरकारी विभाग का कर्मचारी बताते हैं। वे कहते हैं कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भेजी जा रही है।
इसके बाद ठग लाभार्थी से उसका PhonePe या अन्य डिजिटल भुगतान ऐप की आईडी पूछते हैं और भुगतान भेजने के बजाय “Collect Request” (पैसे मांगने का अनुरोध) भेज देते हैं। यदि लाभार्थी बिना समझे अनुरोध स्वीकार कर लेता है, तो उसके बैंक खाते से धनराशि निकल जाती है।
साइबर विशेषज्ञों की माने तो किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए भुगतान अनुरोध (Collect Request) को स्वीकार न करें। सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान स्वीकार करने या ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

