
चंदौली। शहीदगांव बाजार में पंडित भरत भूषण तिवारी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सभा में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा को संबोधित करते हुए वैभव कुमार त्रिपाठी ‘डबलू’ ने कहा कि भरतभूषण तिवारी अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक थे। उनका बलिदान समाज को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि देश में बढ़ रही कथित एनकाउंटर की घटनाएं न्याय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। किसी व्यक्ति के अपराधी या निर्दोष होने का फैसला न्यायालय के बजाय गोलियों से होना लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधि के शासन पर सवाल खड़ा करता है।
वैभव त्रिपाठी ने घोषणा की कि भरतभूषण तिवारी प्रकरण में न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई को सर्वोच्च स्तर तक ले जाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। साथ ही इस मुद्दे से जुड़े संवैधानिक पहलुओं को उठाने के लिए जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल करने की भी पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और जनहित की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास जनता के प्रतिरोध को और मजबूत करता है। लोकतंत्र, संविधान और न्याय की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद भरतभूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा न्याय की लड़ाई में उनके परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मिंटू तिवारी, भोला तिवारी, राहुल तिवारी, गणेश तिवारी, पवन मिश्रा, राजेश तिवारी, शिवदत्त तिवारी, रानू तिवारी, पीयूष तिवारी, अनुज तिवारी, अनूप तिवारी, विकास पाण्डेय, विष्णुदत्त तिवारी, अखिलेश पाण्डेय, सुनील तिवारी, शशिकांत तिवारी और पंकज तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

