
चंदौली। धीना क्षेत्र में लंबे समय से जारी विद्युत कटौती, लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या को लेकर पूर्व विधायक मनोज सिंह की चेतावनी का असर अब दिखाई देने लगा है। मंगलवार को विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम अमड़ा स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पहुंची और पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वर्तमान विद्युत व्यवस्था की तकनीकी खामियों का जायजा लेने के साथ ही भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अमड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना के लिए भूमि का चिन्हांकन किया। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और भविष्य में बढ़ती विद्युत मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

तकनीकी निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि उपकेंद्र पर स्थापित कैपेसिटर की क्षमता पर्याप्त नहीं होने के कारण क्षेत्र में वोल्टेज का लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक अतिरिक्त कैपेसिटर लगाने का निर्णय लिया है।
इसी बीच पूर्व विधायक मनोज सिंह भी उपकेंद्र पहुंचे और अधिकारियों से विस्तृत वार्ता कर क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था में शीघ्र सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता लंबे समय से बिजली संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, इसलिए विभाग को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
अधिकारियों ने पूर्व विधायक को आश्वस्त किया कि अतिरिक्त कैपेसिटर लगाने का कार्य अगले दो दिनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा तथा लगभग 25 दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र में लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या में काफी हद तक सुधार आने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता प्रवेश कुमार, अधीक्षण अभियंता जसमीर सिंह (वाराणसी द्वितीय), अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता भरत भूषण, अधिशासी अभियंता (टेस्ट) शिवकुमार, एसडीओ जय सिंह, चीफ टेक्निकल मनोज सोनकर, एई (मीटर) सियाराम, जेई जवाहर सिंह, टेक्नीशियन कमलेश कुमार सहित विद्युत विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

