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Chandauli News: प्राकृतिक खेती बनेगी समृद्ध किसान और स्वस्थ भारत की आधारशिला : संजीव कुमार गोंड

चंदौली में दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं जन-जागरुकता अभियान का शुभारंभ प्रभारी मंत्री बोले, भविष्य की आवश्यकता है प्राकृतिक खेती, किसानों को बताई गई तकनीकी

चंदौली। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली में गुरुवार को दो दिवसीय “प्राकृतिक कार्यशाला एवं जन-जागरूकता अभियान” का भव्य शुभारंभ हुआ। 18 और 19 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र में किया गया। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गोंड ने की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भविष्य की आवश्यकता है और रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करके खेती की लागत घटाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों का कार्यकाल गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण को समर्पित रहा है।

उप कृषि निदेशक भीमसेन ने मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और उससे मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों और “सुपर एलनीनो” जैसी चुनौतियों से निपटने के वैज्ञानिक उपाय बताए। उन्होंने प्राकृतिक खेती को टिकाऊ कृषि का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की।

कार्यशाला में किसानों को बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक घोलों के निर्माण एवं उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही ब्रह्मास्त्र, अग्नास्त्र और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक कीटनाशकों के प्रयोग का भी प्रदर्शन किया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन तकनीकों को अपनाकर किसान खेती की लागत को काफी कम कर सकते हैं तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।

कार्यक्रम के प्रथम दिन बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के प्रथम दिवस के समापन की घोषणा की।

कार्यक्रम में मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, सैयदराजा विधायक प्रतिनिधि सुशील सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव तथा जिला उद्यान अधिकारी शैलेन्द्र दुबे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के साथ ही लगभग 400 से 500 किसान उपस्थित रहे।

 

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