चंदौली। कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और बीज कारोबार को पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से जिला कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले के सभी बीज व्यवसायियों को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ पर 25 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से अपना ऑनलाइन पंजीकरण और आवश्यक विवरण दर्ज कराना होगा। निर्धारित समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जा सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि साथी पोर्टल का उद्देश्य देशभर में बीज उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। इस प्रणाली के लागू होने से बीज की गुणवत्ता और उसकी प्रमाणिकता का सत्यापन आसान होगा। साथ ही उत्पादन इकाई से लेकर किसान तक बीज की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे नकली, अमानक और अवैध स्रोतों से बेचे जाने वाले बीजों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी बीज निर्माता, बीज प्रोसेसर, थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके लिए विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से व्यवसायियों को बीज अनुज्ञापन पत्र (लाइसेंस), पैन कार्ड, जीएसटी विवरण तथा प्रतिष्ठान से संबंधित अन्य आवश्यक अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, चंदौली में कुल 369 पंजीकृत बीज व्यवसायी हैं, लेकिन अब तक केवल 135 व्यवसायियों ने ही साथी पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट किया है। शेष व्यवसायियों को निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यवसायी को ऑनलाइन पंजीकरण या दस्तावेज अपलोड करने में तकनीकी कठिनाई आती है, तो वह जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके बावजूद यदि कोई व्यवसायी 25 जुलाई तक पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि विभाग ने सभी बीज कारोबारियों से समय रहते प्रक्रिया पूरी कर किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचने की अपील की है।

