
चंदौली। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं अनुशासित बनाने के उद्देश्य से जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मेंद्र कुमार ने गुरुवार को सकलडीहा इंटर कॉलेज और जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्धारित समय-सारणी के अनुसार विद्यालयों में उपस्थित न रहने पर करीब 50 प्रवक्ताओं, सहायक अध्यापकों, प्रभारी लिपिकों और परिचारकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी चन्द्रमोहन गर्ग के निर्देशन तथा शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षकों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। निरीक्षण के दौरान डीआईओएस ने विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति और अनुशासन का जायजा लिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने अनुपस्थित पाए गए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जवाब संतोषजनक होना चाहिए। यदि निर्धारित समय में उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया या जवाब असंतोषजनक पाया गया तो संबंधित कर्मचारियों का वेतन बाधित किया जाएगा।
डीआईओएस धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों का समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी इंटर कॉलेजों और माध्यमिक विद्यालयों में आगे भी इसी प्रकार का औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करने, समय पर विद्यालय न पहुंचने अथवा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करने की अपील की।

