
चंदौली। साइबर ठगी के एक मामले में धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के एक लाख रुपये वापस करा दिए। ठगों ने विदेश में रहने वाले उसके चचेरे भाई की गिरफ्तारी का डर दिखाकर रकम दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा ली थी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराकर वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की। नौ अक्तूबर 2026 को पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई।
रिश्तेदार की गिरफ्तारी का डर दिखाकर की ठगी
पुलिस के अनुसार, धानापुर कस्बा निवासी नईमुल हक खान, पुत्र स्वर्गीय हनीफ खान, को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। कॉल करने वाले ने बताया कि दुबई में रहने वाले उनके चचेरे भाई अबुल वैश को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रिश्तेदार को छुड़ाने का झांसा देकर आरोपी ने पीड़ित से एक लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद ठगों ने एक लाख रुपये की और मांग की।
लगातार रुपये मांगे जाने पर पीड़ित को संदेह हुआ और उन्हें साइबर ठगी का एहसास हो गया। उन्होंने तत्काल धानापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी सूचना दी।
समय पर कार्रवाई से सुरक्षित हुई रकम
मामले की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में धानापुर पुलिस और साइबर टीम सक्रिय हो गई। टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पीड़ित की ओर से ट्रांसफर की गई पूरी एक लाख रुपये की धनराशि संबंधित बैंक खाते में फ्रीज करा दी। इसके बाद न्यायालय से रिलीज आदेश प्राप्त कर बैंक से संपर्क किया गया और आवश्यक नोटिस की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल गई।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सूर्य प्रकाश मिश्र, साइबर प्रभारी निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए अनुराग गुप्ता और साइबर सेल के मुख्य आरक्षी सूर्य प्रवीण त्रिपाठी शामिल रहे। रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने चंदौली पुलिस एवं साइबर टीम के प्रति आभार जताया।
अनजान कॉल से रहें सतर्क
चंदौली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में रिश्तेदार की गिरफ्तारी या डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने वाले अनजान कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी खाते में पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे माध्यम से पुष्टि करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

