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Chandauli News: बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी पर प्रशासन सख्त, बिना तैयारी मीटिंग में पहुंचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी पर भड़के डीएम, लगाई फटकार

चंदौली। जनपद को बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह मुक्त कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति, जिला स्तरीय टास्क फोर्स (डीटीएफ) तथा जनपद स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी आवश्यक तैयारी के बिना बैठक में उपस्थित हुए हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में पूरी तैयारी एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।

 

जिलाधिकारी ने श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल कल्याण समिति और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईंट-भट्टों, होटलों, ढाबों, कारखानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित रूप से सघन निरीक्षण किया जाए। यदि कहीं भी बाल श्रम का मामला सामने आता है तो संबंधित नियोक्ता के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाल श्रमिकों को तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा उनके पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूलों में है, कार्यस्थलों पर नहीं, इसलिए बाल श्रम के खिलाफ समाज के सभी वर्गों को जागरूक और सक्रिय होना होगा।

 

बैठक में बंधुआ श्रम उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति का आर्थिक या शारीरिक शोषण न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया जाता है तो उसे विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएं।

 

उन्होंने राशन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। बैठक में जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस विभाग, बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासन ने दोहराया कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ जिले में “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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