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Chandauli News: मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट, बाढ़ और आपदा से निबटने को मॉक ड्रिल, डीएम ने देखी तैयारी

चंदौली। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिले में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न संवेदनशील एवं नदी तटीय क्षेत्रों में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य राहत एवं बचाव तंत्र की तत्परता, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता का आकलन किया गया।

 

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम पड़या में आयोजित मॉक ड्रिल का स्वयं निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों तथा आपदा प्रबंधन टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का सफल पूर्वाभ्यास किया।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़, जलभराव, फ्लैश फ्लड, सड़क कटाव और नाव दुर्घटना जैसी संभावित परिस्थितियों को आधार बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। तहसील सकलडीहा के ग्राम पसहटा में गंगा नदी में बाढ़ आने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत शिविर, बाढ़ चौकी, पशु शिविर और फील्ड हॉस्पिटल की स्थापना का अभ्यास किया गया। इसके साथ ही वैकल्पिक संचार व्यवस्था को सक्रिय करने और प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की कार्ययोजना का भी परीक्षण किया गया।

 

इसी प्रकार लतीफ शाह वीयर क्षेत्र में अचानक फ्लैश फ्लड आने और पर्यटकों के फंसने की स्थिति को दर्शाते हुए खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। वहीं तहसील पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के बहादुरपुर क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त इलाके से लोगों को निकालते समय नाव दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल में बाढ़ के कारण सड़क मार्ग बाधित होने, यातायात डायवर्जन लागू करने, तटबंधों में रिसाव रोकने और संभावित प्रभावित आबादी को समय रहते अलर्ट करने जैसी गतिविधियों का भी अभ्यास कराया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ही जन-धन की हानि को कम कर सकती है। उन्होंने सभी विभागों को नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, वायरलेस संचार प्रणाली और अन्य आवश्यक संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी देने पर जोर दिया।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।

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