
चंदौली। शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा को एक साथ जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डैडीज इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को श्रद्धालुओं के लिए अपनी 18वीं निःशुल्क तीर्थयात्रा बस अयोध्या धाम के लिए रवाना की। वातानुकूलित बस के माध्यम से संचालित यह सेवा क्षेत्र में सामाजिक दायित्व और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण बन चुकी है।
विद्यालय का संचालन वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ एवं LTP Calculator के आविष्कारक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के साथ विद्यार्थियों को कक्षा छह से ही व्यवस्थित वित्तीय शिक्षा भी दी जाती है, ताकि वे भविष्य में आर्थिक रूप से सक्षम, नैतिक मूल्यों से युक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
बस रवाना होने के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है। यदि विद्यार्थियों में सेवा, संस्कार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो, तभी शिक्षा सार्थक मानी जाएगी।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का संदेश देने वाली पावन भूमि है। भगवान श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर बंशीधर तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी, बबिता तिवारी, सुषमा तिवारी, प्रीतमणि तिवारी, पार्वती तिवारी, जितेंद्र तिवारी, चंद्रकला तिवारी सहित विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रस्थान से पहले तीर्थयात्रियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण किया तथा शैक्षणिक संसाधनों, छात्रावास और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना की।
विद्यालय की इस निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा को क्षेत्रीय जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। प्रबंधन के अनुसार आगामी कई महीनों की सीटें पहले ही आधार कार्ड की प्रतियां जमा कराकर आरक्षित कराई जा चुकी हैं। इससे इस पहल की लोकप्रियता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
विद्यालय पहले भी अयोध्या और मथुरा धाम की निःशुल्क यात्राएं सफलतापूर्वक संचालित कर चुका है। भविष्य में अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी ऐसी यात्राएं आयोजित करने की योजना है। विद्यालय परिवार ने सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और समाज सेवा ही संस्था की सबसे बड़ी पहचान है।

