
चंदौली। गौवध एवं गौतस्करी के मामलों में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर शहाबगंज पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे आरोपी को जनपद चंदौली की शहाबगंज पुलिस ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के कासना थाना क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध गौतस्करी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वांछित एवं इनामी अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सरवन कुमार उर्फ श्रवण निवासी बसिला, थाना एवं जनपद चंदौली को नोएडा के कासना थाना क्षेत्र स्थित जेआरबी इंटरप्राइजेज से गिरफ्तार किया। आरोपी थाना शहाबगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 118/2025 में वांछित था, जिस पर पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने रिश्तेदार और मित्र रहे गोलू यादव के साथ गौतस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसका मुख्य कार्य गोवंश से लदे वाहनों से पहले चलकर रास्ते की निगरानी करना और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी जुटाना था। जब रास्ता सुरक्षित होने की पुष्टि हो जाती थी, तब गोवंश से भरे वाहनों को बिहार की ओर रवाना किया जाता था। इसके बदले उसे नकद राशि के साथ-साथ बैंक खाते के माध्यम से भी भुगतान किया जाता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि कई बार उसने गौतस्करी के कारोबार में आर्थिक सहयोग भी किया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गोलू यादव की मृत्यु के बाद उसने इस अवैध धंधे से दूरी बना ली थी और पिछले कुछ समय से नोएडा में रहकर मजदूरी कर रहा था। हालांकि, उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमों के चलते वह लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। पुलिस अभिलेखों के अनुसार सरवन कुमार के खिलाफ शहाबगंज और बलुआ थानों में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कुल छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा उपनिरीक्षक राजेन्द्र नाथ सिंह, उपनिरीक्षक अमित मिश्रा, हेड कांस्टेबल इरशाद अंसारी तथा कांस्टेबल आफताब अहमद, नियाज अहमद, विपुल वर्मा और बृजेश कुमार की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है।

