
चंदौली। गर्मी की छुट्टियों के बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल, बिशुनपुरा कांटा चंदौली के फाउंडर डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि स्कूल का पहला दिन केवल नई कक्षा की शुरुआत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय का पहला पन्ना होता है। यदि विद्यार्थी प्रतिदिन केवल 1 प्रतिशत सुधार करने का संकल्प लें, तो एक वर्ष में उनके व्यक्तित्व और सफलता में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है।
डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों से पहले दिन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने, नियमित मेहनत करने और हर दिन कुछ नया सीखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रश्न पूछने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए, क्योंकि जिज्ञासा ही ज्ञान का आधार है। साथ ही मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग केवल सीखने के उद्देश्य से करने तथा समय की बर्बादी से बचने की सलाह दी।
उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पुस्तक पढ़ने, रोज़ एक अच्छा कार्य करने, असफलता से न घबराने और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों और लक्ष्यों को लिखने की आदत विकसित करने का सुझाव देते हुए कहा कि लिखे गए लक्ष्य व्यक्ति को उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।
डॉ. तिवारी ने कहा कि अंक (Marks) व्यक्ति को नौकरी दिला सकते हैं, लेकिन चरित्र (Character) ही उसे समाज में सम्मान दिलाता है। ज्ञान सफलता की राह दिखाता है, जबकि अनुशासन व्यक्ति को महान बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल यह नहीं सोचने की अपील की कि उन्हें क्या पढ़ना है, बल्कि यह भी तय करना चाहिए कि उन्हें कैसा इंसान बनना है।

