
चंदौली। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जिले के ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बिछिया स्थित धरना स्थल पर एकत्रित रोजगार सेवकों ने जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल यादव के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में रोजगार सेवकों ने बताया कि वर्ष 2006 से वे मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में संविदा के आधार पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों के सापेक्ष मात्र 15 हजार ग्राम पंचायत अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
रोजगार सेवकों ने मांग की कि उन्हें सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय, बकाया भुगतान, मानव संसाधन नीति लागू करने, ईपीएफ, स्वास्थ्य बीमा, चिकित्सा एवं आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 1 जुलाई 2026 से प्रस्तावित वीवीजी राम जी योजना लागू होने के दिन ही रोजगार सेवक लखनऊ पहुंचकर विधानसभा समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों का घेराव करेंगे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान महासचिव रवि प्रकाश पांडेय, संतोष, पवन, भोलानाथ, मनोज गुप्ता, दिनेश, बृजेश, रामौतार, धर्मवीर, सुभाष, इम्तियाज सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक उपस्थित रहे।

