
चंदौली। विवेचना में लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य की कुछ ही दिनों बाद उसी पद पर दोबारा तैनाती किए जाने से पुलिस महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के इस फैसले को लेकर विभाग के भीतर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस फैसले को निरीक्षक की तगड़ी सेटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुछ दिन पहले पुलिस अधीक्षक ने विवेचना सेल में तैनात निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य को कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा विवेचना में गंभीर अनियमितता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
आरोप था कि निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य थाना कोतवाली चंदौली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 280/2024, धारा 103(1) बीएनएस की विवेचना कर रहे थे। विवेचना के दौरान उन्होंने नामित अभियुक्तों को नियमानुसार नोटिस जारी नहीं किए और मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखा। साथ ही विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निर्धारित विधिक प्रावधानों का पालन नहीं करने के भी आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद एसपी ने निरीक्षक को निलंबित कर दिया था।
अब, निलंबन के कुछ ही दिन बाद निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य को पुनः अपराध शाखा की विवेचना सेल में तैनात कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभागीय स्तर पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

