
चंदौली। लगातार हो रही बारिश से खेतों में जलजमाव और धान की फसल प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सकलडीहा और सदर तहसील को बाढ़ प्रभावित घोषित कर किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के जिलाध्यक्ष दयाशंकर सिंह उर्फ गोपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा।
किसान नेता गोपाल सिंह ने कहा कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सकलडीहा और सदर तहसील के प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोनों तहसीलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया जाए।
वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने कहा कि किसान पहले पानी की कमी के कारण इंजन चलाकर किसी तरह धान की रोपाई कर पाए थे। अब लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से धान की फसल के साथ पशुओं के चारे पर भी संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जलभराव के लिए नालों की अधूरी सफाई को जिम्मेदार बताया। आरोप लगाया कि ड्रेनों की आधी-अधूरी सफाई और उनमें जलकुंभी जमा होने से पानी की निकासी बाधित है।
किसानों के अनुसार पिपरी, नरौजा, धनउर, बर्थरा कलां, बर्थरा खुर्द, बिसुन्धरी, मधुबन, बसंतपुर, जमुनीपुर, दिघवट, फेसुड़ा, बरंगा, पंचदेवरा, नरैना, कटसिल, पदुमनाथपुर, टेनुवट, बरठी, शिवपुर, बढ़लडीह, भोजापुर, सैवखर, माटीगांव, फगुईया, खगवल, घरचित, बथावर, ताजपुर, मनिहरा, लेहरा, तेंदुई, सकलडीहा, नागेपुर, डेढ़ावल, धरहरा, अमावल, बलारपुर, ओड़ौली, चतुरभुजपुर और देवढ़ील समेत कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
युवा अध्यक्ष रंकज सिंह ने आरोप लगाया कि तहसील स्तर के अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित गांवों का समुचित सर्वे नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि तत्काल सर्वे कराकर क्षति का आकलन किया जाए और किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान रामभजन मौर्य, जयप्रकाश, शिवमूर्ति मौर्य, डॉ. शशिकांत मिश्रा, बेचई पांडेय, श्रीनिवास तिवारी, मनोज यादव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।

