
संवाददाता-बाबू चौहान
चंदौली। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खाद की मांग बढ़ने के साथ इलिया सहकारी समिति पर किसानों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को खाद लेने के लिए समिति परिसर में किसानों की भारी भीड़ जुटी। किसान घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी देखी गई। किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जांच की मांग की है।
किसानों का कहना है कि समिति पर उनकी जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सीमित मात्रा में खाद मिलने के कारण कई किसानों को अपनी जरूरत पूरी करने में परेशानी हो रही है। किसानों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि समिति को मांग के अनुरूप खाद की आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही है। कुछ किसानों ने आवंटन और वितरण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
किसान हिफजूर रहमान खान ने बताया कि उनके पास करीब 10.5 हेक्टेयर खेत है। इसके बावजूद मंगलवार को समिति पर उन्हें केवल पांच बोरी खाद मिलने की बात कही गई। किसान का कहना है कि इतनी बड़ी कृषि भूमि के लिए पांच बोरी खाद पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि किसानों की भूमि और फसल की जरूरत के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो।
किसानों के मुताबिक धान की फसल के लिए यह समय बेहद अहम है। खेतों में खाद की जरूरत के बीच यदि समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिली तो इसका असर फसल की बढ़वार और उत्पादन पर पड़ सकता है। ऐसे में किसान मजबूरी में खाद के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
शिकायत के बाद भी व्यवस्था में बदलाव नहीं
किसानों का कहना है कि खाद की कमी और वितरण को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार मामला सामने आने के बाद अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेने की बात कही जाती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर सामान्य से बिगड़ जाती है। किसानों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड की जांच की मांग
खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर किसानों ने सहकारी समिति के स्टॉक रजिस्टर, प्राप्त खाद की मात्रा, वितरण रजिस्टर और किसानों को दी गई खाद का रिकॉर्ड जांचने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि समिति को कितनी खाद मिली और कितनी मात्रा में किसानों को वितरित की गई।
हालांकि खाद वितरण में अनियमितता की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन किसानों की लगातार शिकायतों के चलते निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है। अब किसानों की नजर अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी है।

