
चंदौली। जिले में खुले में मांस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फेरीवालों के खाद्य लाइसेंस बनाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा ने इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन कराने को लेकर रणनीति बनी।
अपर जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों और छोटे खाद्य कारोबारियों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी फेरीवालों और छोटे फुटकर खाद्य विक्रेताओं के खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को अभियान चलाकर अधिक से अधिक खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस और पंजीकरण के दायरे में लाने को कहा गया।
अपर जिलाधिकारी ने मध्यान्ह भोजन योजना, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के नियमित सर्विलेंस नमूने लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से होनी चाहिए, ताकि बच्चों और आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) क्षेत्र में खुले में मांस की बिक्री को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। नगर के अधिशासी अधिकारी को विशेष अभियान चलाकर खुले में मांस बेचने वाली दुकानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने और ऐसी दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
बैठक में जिले में खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के लिए अभियान स्तर पर कार्य करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को क्षेत्रवार कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक का संचालन मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी ने किया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी श्वेता सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

