
संवाददाता-बाबू चौहान
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र के डड़ियां गांव के सामने बेन-धरौली नहर पर बने कुलावों की खराबी के कारण आसपास के कई गांवों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। तीन छह इंच के कुलावों में से दो पूरी तरह जाम होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों की शिकायत के बाद सिंचाई विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
जानकारी के अनुसार, डड़ियां गांव के सामने स्थित इन कुलावों से निकलने वाला पानी खिलची ड्रेन के माध्यम से रेगुलेटरों तक पहुंचता है, जहां से खिलची, घोड़सारी, परमंदापुर, खखड़ा, पचपरा सहित कई गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। वर्तमान में तीन कुलावों में से केवल एक ही चालू है, जबकि दो कुलावे सड़क चौड़ीकरण के दौरान टेढ़े होकर पूरी तरह जाम हो गए हैं। इससे पानी का प्रवाह बाधित हो गया है और खेती पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है।

समस्या की जानकारी मिलने पर किसान विकास मंच के कार्यकर्ता सरदार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कार्यकर्ताओं ने लंबे लोहे के रॉड की सहायता से जाम कुलावों को खोलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। किसानों ने बताया कि करीब 10 से 15 दिन पहले भी इसी प्रकार प्रयास किया गया था, लेकिन तब भी कुलावों को चालू नहीं कराया जा सका।
किसान विकास मंच ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई, जिसके कारण कुलावे क्षतिग्रस्त होकर टेढ़े हो गए और उनमें मलबा भर जाने से पानी का बहाव रुक गया। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अवर अभियंता दीपक मिश्रा ने संबंधित ठेकेदार को तत्काल मौके पर भेजकर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद ठेकेदार के कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और आश्वासन दिया कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कर जाम कुलावों को ठीक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर क्षतिग्रस्त कुलावों को हटाकर नए कुलावे भी लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान सरकार सिंह, सुरेश मौर्य, श्याम लाल मौर्य, राम अवध सिंह, शंभूनाथ सिंह सहित किसान विकास मंच के अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय किसान उपस्थित रहे। किसानों ने विभाग से शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग करते हुए उम्मीद जताई कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था फिर से सुचारु हो जाएगी।

